cKlear प्राचीन सभ्यतायें
३०००–४०० BCE
मध्ययुगीन यूरोप
६०० BCE–५०० CE
वर्तमान विज्ञान
१९०० CE–वर्तमान
वैदिक ज्ञान
८०००–५००० BCE
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प्रस्तावना

ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति, उसकी संरचना तथा इस पृथ्वी पर जीवन के विकास ने प्राचीन काल से ही मानव की जिज्ञासा को प्रेरित किया है । इन प्रश्नों के उत्तर खोजने के लिए विभिन्न सभ्यताओं ने अपने-अपने अनुभव, अवलोकन और दार्शनिक दृष्टिकोण के आधार पर अनेक सिद्धांत प्रस्तुत किए हैं । इस पृष्ठ में हम प्राचीन सभ्यताओं, मध्ययुगीन यूरोप तथा आधुनिक विज्ञान के प्रमुख विचारों[1][2] का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करेंगे ।

भारतीय वैदिक साहित्य में सृष्टि की उत्पत्ति और विकास का अत्यंत विस्तृत एवं क्रमबद्ध वर्णन मिलता है । इनमें वर्णित अनेक अवधारणाएँ आधुनिक विज्ञान की कुछ खोजों के साथ उल्लेखनीय समानताएँ प्रस्तुत करती हैं, जबकि कुछ अन्य सिद्धांत आज भी वैज्ञानिक अनुसंधान और विमर्श के विषय बने हुए हैं । रोचक तथ्य यह भी है कि विश्व की अनेक प्राचीन सभ्यताओं की सृष्टि संबंधी मान्यताओं में वैदिक विचारों से मिलते-जुलते तत्व दिखाई देते हैं । इन विभिन्न दृष्टिकोणों का तुलनात्मक अध्ययन न केवल मानव विचार के विकास को समझने में सहायक है, बल्कि सृष्टि के रहस्य को देखने के लिए एक व्यापक दृष्टि भी प्रदान करता है ।

प्राचीन सभ्यतायें

सृष्टि की उत्पत्ति के प्रश्न ने विश्व की लगभग सभी प्राचीन सभ्यताओं को आकर्षित किया । प्रत्येक सभ्यता ने अपनी सांस्कृतिक, धार्मिक तथा दार्शनिक परम्पराओं के आधार पर ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और जीवन के विकास की अलग-अलग व्याख्याएँ प्रस्तुत की हैं ।

सुमेरिया

लगभग ३००० BCE की सुमेरियन सभ्यता[5] विश्व की सबसे प्राचीन विकसित सभ्यताओं में से एक मानी जाती है । इसकी सृष्टि-कथा एनुमा एलिश[6] में संरक्षित है । इसमें आदिकालीन जल से सृष्टि के क्रमिक विकास, देवताओं के प्राकट्य तथा ब्रह्माण्ड के व्यवस्थित निर्माण का वर्णन मिलता है ।

मिस्र

लगभग ३००० BCE की प्राचीन मिस्री सभ्यता[9] ने भी सृष्टि की उत्पत्ति पर गहन विचार किया । उनकी परंपरा में पताः को सृष्टिकर्ता माना गया है । पताः की स्तुति से संबंधित एक शिलालेख[10] आज भी उपलब्ध है, जिसे मेम्पाइट थ्योरी के नाम से जाना जाता है ।

फ़ारस

लगभग १५०० BCE की फ़ारसी[7] परम्परा में ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति को दिव्य शक्तियों के संघर्ष तथा सृष्टि की क्रमिक व्यवस्था से जोड़ा गया है । इस परम्परा में आद्य जल, प्रकाश तथा सृष्टि के संगठन से संबंधित अनेक अवधारणाएँ मिलती हैं, जिनमें पश्चिमी एशिया की अन्य प्राचीन सभ्यताओं के साथ भी कुछ समानताएँ दिखाई देती हैं ।

असीरिया

लगभग ७०० BCE की असीरियन सभ्यता[3] में सृष्टि की उत्पत्ति को अप्सू और तियामत[4] नामक आदिकालीन जलरूप शक्तियों से जोड़ा गया है । इनके परस्पर संबंध और उनसे उत्पन्न देवताओं के माध्यम से ब्रह्माण्ड के क्रमिक विकास का वर्णन मिलता है ।

चीन

चीनी[11] परंपरा में सृष्टि की उत्पत्ति[12] से संबंधित अनेक कथाएँ मिलती हैं । परंपरागत मान्यता के अनुसार संसार की रचना क्रमिक रूप से हुई, जिसमें विभिन्न चरणों में पशुओं, मनुष्यों तथा देवताओं की उत्पत्ति का वर्णन मिलता है ।

मध्ययुगीन यूरोप

मध्ययुगीन यूरोप[13] में ईसाई धर्मशास्त्र का सृष्टि संबंधी दृष्टिकोण व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता था । बाइबिल के अनुसार ईश्वर ने सृष्टि की रचना छह दिनों में की और सातवें दिन विश्राम किया[14] । उस समय प्रचलित मान्यता के अनुसार पृथ्वी ब्रह्माण्ड का केंद्र थी तथा सम्पूर्ण सृष्टि का निर्माण ईसा के जन्म से लगभग ४००० वर्ष पूर्व हुआ था ।

वर्तमान विज्ञान

आधुनिक विज्ञान के अनुसार लगभग १३.८ अरब वर्ष पूर्व ब्रह्माण्ड, अर्थात् समय, अंतरिक्ष, पदार्थ और ऊर्जा, एक अत्यन्त सघन एवं ऊर्जावान अवस्था से प्रकट हुए । इस घटना को महाविस्फोट (Big Bang)[15] कहा जाता है । इसके पश्चात ब्रह्माण्ड का विस्तार प्रारम्भ हुआ, जिससे आकाशगंगाओं, तारों, ग्रहों तथा अंततः जीवन का क्रमिक विकास हुआ ।

वैदिक ज्ञान

ऋग्वेद में वर्णित हिरण्यगर्भ[16] (स्वर्णिम ब्रह्माण्डीय गर्भ) की अवधारणा के अनुसार सृष्टि का प्राकट्य एक आद्य घटना से हुआ, जिससे समय, आकाश, पदार्थ और ऊर्जा की अभिव्यक्ति प्रारम्भ हुई । आगे चलकर ब्रह्माण्ड का क्रमिक विस्तार हुआ तथा आकाशगंगाओं, तारों, ग्रहों और जीवन का विकास हुआ । वैदिक साहित्य इस प्रक्रिया का विस्तृत वर्णन करता है और सृष्टि को एक निरंतर चलने वाले सृजन, विस्तार और प्रलय के चक्र के रूप में देखता है ।


संदर्भ

  1. D. K. Hari, D. K. Hema Hari (2010). Creation Srishti Vignana, Bharat Gyan Series. Bangalore: Sri Sri Publications Trust
  2. Wikipedia, The Free Encyclopedia. Origin Myth. https://en.wikipedia.org/wiki/Origin_myth
  3. Wikipedia, The Free Encyclopedia. Mesopotamia. https://en.wikipedia.org/wiki/Mesopotamia
  4. Wikipedia, The Free Encyclopedia. Tiamat. https://en.wikipedia.org/wiki/Tiamat
  5. Wikipedia, The Free Encyclopedia. Sumer. https://en.wikipedia.org/wiki/Sumer#Culture
  6. Wikipedia, The Free Encyclopedia. Enūma Eliš. https://en.wikipedia.org/wiki/En%C5%ABma_Eli%C5%A1
  7. Wikipedia, The Free Encyclopedia. Iran. https://en.wikipedia.org/wiki/Iran
  8. Wikipedia, The Free Encyclopedia. Marduk. https://en.wikipedia.org/wiki/Marduk
  9. Wikipedia, The Free Encyclopedia. Egypt. https://en.wikipedia.org/wiki/Egypt
  10. Wikipedia, The Free Encyclopedia. Shabaka Stone. https://en.wikipedia.org/wiki/Shabaka_Stone
  11. Wikipedia, The Free Encyclopedia. China. https://en.wikipedia.org/wiki/China
  12. Wikipedia, The Free Encyclopedia. Chinese creation myths. https://en.wikipedia.org/wiki/Chinese_creation_myths
  13. Wikipedia, The Free Encyclopedia. Medieval philosophy. https://en.wikipedia.org/wiki/Medieval_philosophy
  14. Wikipedia, The Free Encyclopedia. Genesis creation narrative. https://en.wikipedia.org/wiki/Genesis_creation_narrative
  15. Wikipedia, The Free Encyclopedia. Big Bang. https://en.wikipedia.org/wiki/Big_Bang
  16. Wikipedia, The Free Encyclopedia. World egg. https://en.wikipedia.org/wiki/World_egg