| नवदुर्गा |
नवरस |
प्रकृति |
अनुभूति |
| शैलपुत्री |
श्रृंगार |
चेतना की सर्वोच्च अवस्था |
किसी अनुभव या भावना की चरम अवस्था में |
| ब्रह्मचारिणी |
हास्य |
अनन्त में स्थित चेतना |
तुच्छता में नहीं, अपितु पूर्णता में |
| चन्द्रघण्टा |
करुण |
एकाग्रचित्त मन |
दुःख, विपत्ति, भूख तथा शान्ति के अनुभव में |
| कूष्माण्डा |
रौद्र |
सर्वोच्च बुद्धिमत्ता और शक्ति |
सृष्टि के प्रत्येक कण में जागृत बुद्धिमत्ता का अनुभव करने में |
| स्कन्दमाता |
वीर |
ज्ञानशक्ति और कर्मशक्ति |
व्यावहारिक ज्ञान से प्रेरित कर्म में |
| कात्यायनी |
भयानक |
धर्म की रक्षा हेतु सकारात्मक क्रोध |
अज्ञान और अन्याय के प्रति जागृत क्रोध में |
| कालरात्रि |
वीभत्स |
प्रचण्ड और उग्र शक्ति |
ज्ञान और वैराग्य की अनुभूति में |
| महागौरी |
अद्भुत |
पूर्ण सौन्दर्य और पवित्रता |
गहन ध्यान की अवस्था में |
| सिद्धिदात्री |
शान्त |
सिद्धि और कुशलता |
जब कार्य विचार उत्पन्न होने से पूर्व ही सहज रूप से सम्पन्न हो जाए |